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उप मुख्यमंत्रीद्वय, मंत्रियों, राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) व राज्य मंत्रियों को बदले गए जनपद के प्रभार

  • सीएम योगी ने स्वयं और दोनों उप मुख्यमंत्रियों को 25-25 जनपदों की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी
    लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर आहूत मंत्रिमण्डल की बैठक में उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों, राज्य मंत्रियों (स्वतंत्र प्रभार) तथा राज्य मंत्रियों को नवीन जनपदों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुख्यमंत्री योगी ने स्वयं और दोनों उप मुख्यमंत्रियों को 25-25 जनपदों की समीक्षा हेतु जिम्मेदारी भी दी है। इसमें 4-4 माह के रोटेशन पर जनपदों का प्रभार परिवर्तित होता रहेगा। मुख्यमंत्री ने मंत्रिमण्डल के सभी सदस्यों को आपसी समन्वय से और संगठन को साथ लेकर चलने का आग्रह किया है। उन्होंने सरकार की लोक-कल्याणकारी नीतियों और योजनाओं को जनता तक ले जाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर स्वच्छता अभियान का शुभारम्भ होना है। सभी प्रभारी मंत्री अपने-अपने प्रभार के जनपद में इस कार्यक्रम में सहभागिता सुनिश्चित करेंगे। स्वच्छता का यह अभियान जन आन्दोलन बने, इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करना होगा।
    मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि जनपद के प्रभारी मंत्री के रूप में सभी मंत्री प्रत्येक माह में कम से कम एक बार 24 घंटे के लिए अपने प्रभार के जनपद में प्रवास करेंगे। शासन से सम्बन्धित मुद्दों को प्रभारी मंत्री कोर कमेटी से चर्चा करके विस्तृत रिपोर्ट तैयार करते हुए प्रत्येक माह शासन के सम्बन्धित विभाग व मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रस्तुत करेंगे।
    जनपदों के प्रबुद्ध नागरिक, धर्माचार्यों, प्रगतिशील किसानों, व्यापारिक संगठनों सहित सामाजिक नेताओं के समूहों में से किसी एक के साथ प्रत्येक प्रवास में बैठक अवश्य होनी चाहिए। जनपद की समीक्षा बैठक में जन शिकायतों को मेरिट के आधार पर निस्तारित किया जाना अपेक्षित है। कानून व सुरक्षा सम्बन्धी विषयों, राजस्व विभाग से जुड़े हुए विषयों जैसे वरासत, पैमाइश, नामान्तरण, लैण्ड यूज सहित आईजीआरएस, सीएम हेल्प लाइन आदि की समीक्षा कर मेरिट के आधार पर निस्तारण कराया जाए। इसकी विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय और सम्बन्धित विभाग को अनिवार्य रूप से भेजी जानी चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रवास के दौरान केन्द्र और राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं एवं लोककल्याणकारी योजनाओं का भौतिक सत्यापन भी होना चाहिए। निराश्रित गो-आश्रय स्थलों, ग्राम सचिवालय, क्रय केन्द्र, फेयर प्राइस शॉप, कृषि विज्ञान केन्द्र में से किसी एक का भौतिक निरीक्षण प्रवास के दौरान करना अपेक्षित है। अटल आवासीय विद्यालय, प्राथमिक विद्यालय, राजकीय महाविद्यालयों, निर्माणाधीन कस्तूरबा गांधी विद्यालय, विश्वविद्यालयों/महाविद्यालयों के कार्यों का स्थलीय निरीक्षण एवं पॉलीटेक्निक/आईटीआई के संचालन की भी समीक्षा की जाए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय पर्यटन विकास की सम्भावनाओं की तलाश कर उनके प्रचार-प्रसार पर चर्चा होनी चाहिए। जनपद में प्राप्त निवेश प्रस्तावों की समीक्षा कर उद्यमी मित्रों और स्थानीय बैंकर्स के साथ चर्चा की जाए। जनपद में जिला प्रशासन/पुलिस प्रशासन के साथ यातायात समस्या के सम्बन्ध में बैठक की जाए। जनपद में सड़क सुरक्षा के उपायों की समीक्षा करें। जनपद की समीक्षा बैठक में आकांक्षात्मक विकास खण्डों की समीक्षा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की जाए। आयुष्मान कार्ड, दवाओं की उपलब्धता, चिकित्सालयों में चिकित्सकों/पैरामेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, आंगनबाड़ी केन्द्रों के संचालन, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, ग्राम सचिवालयों के निर्माण एवं गाँव में तैनात कार्मिकों की उपस्थिति आदि का निरीक्षण किया जाना आवश्यक है।

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