उत्तराखंड भ्रातृ समिति का 31वां रामलीला महोत्सव के लिए 30 अगस्त को होगा भूमि पूजन

गाजियाबाद। उत्तराखंड भ्रातृ समिति पिछले 35 वर्षों से सामाजिक कार्यों में अग्रणी रही है और उत्तराखंडी संस्कृति को सजीव रखने के उद्देश्य से पिछले 31 वर्षों से भव्य रामलीला का आयोजन कर रही है। समिति के अध्यक्ष अमित पोखरियाल ने बताया कि यह आयोजन प्रताप विहार के गढ़वाली रामलीला पार्क में होता है, जिसका नाम वर्ष 1991 में इस क्षेत्र के मूल निवासियों के योगदान को देखते हुए रखा गया था। इस रामलीला की विशेषता यह है कि इसके सभी कलाकार उत्तराखंड समाज के बच्चे और बालिकाएं होते हैं। यह रामलीला केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि उत्तराखंडी परंपराओं और मूल्यों की झलक प्रस्तुत करती है। प्रताप विहार क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत आबादी उत्तराखंड मूल की है, जिससे यह आयोजन स्थानीय समाज की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी के दौरान, जब पूरे दिल्ली-एनसीआर में रामलीलाएं रुक गई थीं, तब भी समिति ने नियमों का पालन करते हुए रामलीला का सफल आयोजन किया। उस समय समिति के युवा अध्यक्ष श्री नितेश भट्ट थे। इस वर्ष का भूमि पूजन समारोह शनिवार, 30 अगस्त 2025 को गरवाली रामलीला पार्क, प्रताप विहार, गाजियाबाद में आयोजित किया जाएगा। समिति के महासचिव पंकज रणकुण्डी, कोषाध्यक्ष चंद्रमोहन डबराल, रामलीला संयोजक चक्रधर ध्यानी, समाजसेवी रोहित रावत एवं समस्त उत्तराखंड भ्रातृ समिति सदस्य महोत्सव को शानदार बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं।



