गाजियाबाद

बिल्डर के खिलाफ भाकियू भानू ने आंदोलन तेज करने का किया ऐलान

  • कार्यकर्ता के बकाया पैसों का नहीं किया भुगतान तो फ्लैटों में बांध देंगे भैंस
  • बिल्डर की साइट पर 36 दिन से चल रहा धरना अब हो सकता उग्र

गाजियाबाद। सिद्धार्थ विहार में नामचीन बिल्डर पर भवन निर्माण कंपनी के संचालक एवं भारतीय किसान यूनियन भानू के जिला सचिव के 5 करोड़ रुपए बकाया ना देने का आरोप लगा है। बिल्डर के खिलाफ भाकियू भानू द्वारा 36 दिन से साइट पर धरना भी दिया जा रहा, बावजूद इसके बिल्डर पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। आरोप है कि पुलिस से मिलीभगत कर बिल्डर भाकियू भानू के कार्यकर्ताओं को धरने से उठाने का प्रयास किया जा रहा है। बुधवार को इस पूरे प्रकरण को लेकर भाकियू भानू के गाजियाबाद जिलाध्यक्ष ज्ञानेन्द्र सिंघल, गौतमबुद्धनगर जिलाध्यक्ष राजकुमार नागर समेत अन्य पदाधिकारियों ने आरडीसी स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस कान्फ्रेंस की। प्रेस कान्फ्रेंस में संगठन के पदाधिकारियों द्वारा अपेक्स बिल्डर पर गंभीर आरोप लगाए गए। भाकियू भानू के गाजियाबाद व गौतमबुद्धनगर के जिलाध्यक्षों ने आरोप लगाया कि संगठन के जिला सचिव आनंद परिमल द्वारा सिद्धार्थ विहार साइट में बिल्डर के भवनों का निर्माण किया गया था। उक्त निर्माण के पूरा होने के बाद बिल्डर द्वारा आनंद परिमल के लगभग 5 करोड़ 72 लाख रुपए शेष रह गए। उक्त रकम का तकादा आनंद परिमल द्वारा अनेका बार मौखिक एवं पत्राचार व नोटिस के द्वारा किया गया। बार-बार तकादा करने के बावजूद भी बिल्डर ने भुगतान नहीं किया। ऐसे में आनंद परिमल के परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया। अपने कार्यकर्ता के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए भारतीय किसान यूनियन भानू भी खड़ी हो गई। शांतिपूर्ण तरीके से वार्ता होने के बाद भी जब बात नहीं बनी तो मजबूरन साइट पर कार्यकर्ताओं ने धरना शुरू कर दिया। दोनों जिलाध्यक्षों ने बताया कि धरने को 36 दिन हो गए हैं, इस बीच पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से उठाने का कई बार प्रयास किया लेकिन पुलिसकर्मी विफल रहे। धरनास्थल पर बिजली-पानी काट दिया लेकिन कार्यकर्ताओं के हौसलों में कोई कमी नहीं आई। दबाव बढ़ने पर बिल्डर द्वारा समझौता वार्ता में लगभग ढाई करोड़ रुपए देने की हामी भी भर ली गई, लेकिन बाद में वह फिर मुकर गया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि बिल्डर द्वारा उनके साथी कार्यकर्ता का बकाया भुगतान शीघ्र नहीं किया तो वह फ्लैटों में भैंस बांध देंगे और कुछ में ताले जड़ देंगे। प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बिल्डर द्वारा कुछ वर्षों में अकूत संपत्ति एकत्र करने और सरकार को करोड़ों रुपए का चूना लगाए जाने के मामले की जांच भी सरकारी जांच एजेंसियों से कराने की मांग की गई है।

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