गाजियाबाद
सभी परियोजनाओं को कार्य समयान्तराल पूर्ण गुणवत्ता से सुनिश्चत किया जाए: सीडीओ अभिनव गोपाल

- भविष्य में किसी भी परियोजना का कार्य विलम्बित ना रहने पाएं
- अपना कार्य पूर्ण ईमानदारी एवं कतर्व्यनिष्ठा के साथ पूर्ण
गाजियाबाद। दुर्गावती देवी सभागार विकास भवन में सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित एक करोड़ से अधिक लागत की परियोजनाओं की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक के दौरान अध्यक्ष को अवगत कराया गया कि सीएमआईएस पोर्टल पर प्रदर्शित एक करोड़ से अधिक लागत की 301 परियोजनाएं है जिनका कार्य 22 कार्यदायी संस्थाओं द्वारा कराया जा रहा हैं जिसमें में पूर्ण परियोजनाओं की संख्या—151 व अपूर्ण परियोजनाओं की संख्या—137 है। माह जुलाई में विलम्बित परियोजनाओं की संख्या—14 थी व वर्तमान मे विलम्बित परियोजनाओं की संख्या— 13 हैं, जिनका कार्य तीव्रगति से प्रगति पर है। उक्त विलम्बित परियोजनाएं उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की एक, लोक निर्माण विभाग की 2, एचएससीसी(इंडिया)लि. (ए गर्वमेंट आॅफ इंडिया) की 1, उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद निर्माण इकाई की 01, सीएण्डडीएस एस0यू0—31 की 01, उत्तर प्रदेश जल निगम (रूलर) की 01, उ0प्र0राज्य सेतु निगम लि0 की 02, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग (सिंचाई निर्माण खण्ड गाजियाबाद) की 01, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग(मेरठ) की 01, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग(बुलन्दशहर खण्ड गंगा नहर) की 01 व यू0पी0स्टेट कन्ट्र0 एण्ड इन्फ्रा0 डवलपमेंट कारपोरेशन लि0 की 01 हैं। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश जल निगम (अर्बन) गंगा जल परियोजना इकाई की नगर पालिका परिषद खोड़ा मकनपुर पेयजल योजना अभी अनारम्भ है।
मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल ने कहा कि सभी परियोजनाओं को कार्य समयान्तराल पूर्ण गुणवत्ता से सुनिश्चत किया जाए। जो परियोजना विलम्बित है उन्हें समयान्तराल में पूर्ण कराने हेतु अधिक श्रमिक लगाते हुए अधिक कार्य किया जाए। भविष्य में किसी भी परियोजना का कार्य विलम्बित ना रहने पाएं इस ओर सम्बंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि एवं सम्बंधित ?अधिकारी ध्यान रखें। कार्य के विलम्बित रहने पर कारण बताओं नोटिस जारी करते हुए विभागीय कार्यवाही की जा सकती है। अत: अपना कार्य पूर्ण ईमानदारी एवं कतर्व्यनिष्ठा के साथ पूर्ण किया जाएंं। बैठक में आईएएस अयान जैन, डीएसटीओ राजीव श्रीवास्तव सहित सम्बंधित अधिकारी व कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।



