जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हिंडन नंदी के पुनरउद्धार को लेकर हुई बैठक, नालों की मैपिंग आनलाइन बनाने के निर्देश

गाजियाबाद। हिंडन नदी के पुनरउद्धार को लेकर जिलाधिकारी दीपक मीणा की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। मुख्य विकास अधिकारी अभिनव गोपाल द्वारा बैठक में प्रतिभाग करने वाले सभी विभागों को पीपीटी के माध्यम से हिण्डन पुर्नद्धार हेतु उनके कार्य एवं दायित्वों को बताया गया, तत्पश्चात जिलाधिकारी दीपक मीणा द्वारा जलकल विभाग (शहरी) द्वारा बनाये गये एसटीपी एवं नालों के नक्शों को देखते हुये विभागों को निर्देशित किया गया कि नालों की मैपिंग को आॅनलाइन बनाना शुरू करें ताकि उनकी लेयरिंग करते समय प्रत्त्येक डाटा एक जगह पर एकत्रित हो सके। इसके लिए एक बेसिक नेटवर्क तैयार किया जाये जिसमे प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, गाजियाबाद, नगर निगम, गाजियाबाद, सिंचाई विभाग, जीडीए, समस्त नगर निकाय, अपने डेटा के लेयरिंग को तय कर सके। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देशित किया गया 10 दिनों के अन्दर औद्योगिक इकाइयों के ईटीपी की समस्त जानकारी उपलब्ध करायी जाना सुनिश्चित करे। हिण्डन बेसिन में अतिक्रमण को लेकर सम्बन्धित उप जिलाधिकारी व तहसीलदारों को निर्देशित किया गया कि हिण्डन के ऊपर अतिक्रमण की सूची तैयार की जाये और उसे प्रत्येक तीन माह में अपडेट किया जाये साथ ही किस जगह कितनी नदी दर्ज हंै उसकी एक सूची एवं नक्शा सिंचाई विभाग के साथ मिलकर तैयार करें। साथ ही उप जिलाधिकारी, सदर, उप जिलाधिकारी, मोदीनगर को निर्देशित किया गया कि 10 दिनों के अन्दर हिण्डन नदी के बेसिन में जिन जगह पर अतिक्रमण है एवं जिन पर अतिक्रमण नहीं है ऐसे क्षेत्रों को चिन्हिंत करें ताकि विभागों एवं पर्यावरण विदों की टीम द्वारा उस पर सर्वे कर उन पर वृक्षारोपण किया जा सके। सिंचाई विभाग को निर्देशित किया गया कि हिण्डन में तैर रहे जलकुम्भी एवं अन्य अपशिष्ट को निकालने हेतु कोई प्लान तैयार करे। मुख्य अभियन्ता नगर निगम द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष छठ घाट पर रिवर फ्रंट डवलपमेन्ट हेतु प्रस्ताव रखा गया जिसे डीएम द्वारा सिंचाई विभाग व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को मानकों के अनुरूप रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया, ताकि अग्रिम कार्यवाही हो सके। खण्ड विकास अधिकारी, मुरादनगर, लोनी एवं रजापुर को निर्देशित किया गया कि हिण्डन के किनारे स्थित ग्रामों में नालों को चिन्हित करें एवं सुनिश्चित करें कि किसी तरीके का अपशिष्ट हिण्डन नदी में न जाये। जल संरक्षण को लेकर डीएम द्वारा कहा गया कि स्कूलों में भी जल संरक्षण हेतु कार्यकम कराना सुनिश्चित किया जाये।



