अन्तर्राष्ट्रीयउत्तर प्रदेशगाजियाबाद
कविनगर में चलाया जा रहा था फर्जी दूतावास, एक गिरफ्तार

- 44 लाख की नकदी, चार लग्जरी गाड़ियां समेत विदेशी मुद्रा, मुहर बरामद
गाजियाबाद। यूपी एसटीएफ ने कविनगर थाना क्षेत्र के एक मकान में अवैध रूप से कई देशों के दूतावास चलाने का पर्दाफाश किया है। मंगलवार रात एसटीएफ ने छापेमारी कर हर्ष वर्धन जैन पुत्र जेडी जैन निवासी केबी 45 कविनगर गाजियाबाद को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 44 लाख 70 हजार रुपये, विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा, 20 डिप्लोमेटिक गाड़ियों की नंबर प्लेट, चार डिप्लोमेटिक नम्बर प्लेट लगी हुई गाड़ियां आदि सामान बरामद हुआ है। हर्षवर्धन केबी 35 कवीनगर में किराए का मकान लेकर अवैध रूप से वेस्ट आर्कटिक दूतावास चला रहा था
एसटीएफ को सूचना प्राप्त हुई कि कविनगर क्षेत्र में अवैध रुप से विभिन्न देशों के झंडे और गाड़ियों पर डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगाकर दूतावास चलाया जा रहा है। दूतावास के जरिए लोगों से धोखाधड़ी की जा रही है। एसटीएफ ने दूतावास पर हाथ डालने से पहले इस संबंध में केंद्रीय एजेंसियों से इसकी पुष्टि की। एजेंसी से पता चला कि बिना विदेश मंत्रालय की अनुमति के दूतावास नही चलाया जा सकता। यह भारत की संप्रभुता के विरुद्ध है। एसटीएफ कविनगर थाने में सूचना देकर मंगलवार रात करीब 10 बजे दूतावास पर पहुंची। कविनगर थाने से भी एक सब इंस्पेक्टर और एक सिपाही मौके पर पहुंच गए। यहां एसटीएफ को हर्षवर्धन जैन मिला। एसटीएफ द्वारा दूतावास में बने कार्यालय में हर्षवर्धन को बैठाकर पूछताछ की गई। हर्षवर्धन जैन द्वारा बताया गया कि वह कई वर्षों से देश -विदेश मे लोगों को काम दिलाने के नाम पर दलाली करता है। विदेशों में कई ऐसे लोग हैं जिन्होने माईक्रोनेशन के नाम पर स्वंयभू देश घोषित कर रखे हैं। ऐसे लोग हर देश में सरकार एवं निजी कंपनी के दलाली का काम करते हैं। जिनमें सेबोर्गा, वेस्ट अर्टिका, पौल्विया, लोडोनिया नाम के स्वयंभू देश घोषित कर रखे हैं। सेबोर्गा एवं वेस्ट आर्टिका के लोगों से मिलकर उसने भारत में इनका निजी दूतावास बना रखा है। उसने अपनी चार गाड़ियों पर भी डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगा ली हैं। लोगों के विदेशो में काम दिलाने के नाम पर वह मोटी रकम वसूलता है। उसने सेबोर्गा देश के डिप्लोमेटिक पासपोर्ट बनवाए थे। इसके बाद एसटीएफ ने उसके सोशल मीडिया एकाउंट चेक किए। उसने फेसबुक पर भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित अन्य देश के जाने माने लोगों के फोटो एडिट कर अपने साथ पोस्ट किए हुए थे।
लोगों को प्रभावित करने के लिए इसी तरह के कुछ फोटो उसने अपने कार्यालय में लगा रखे थे। मकान में उसके ससुर आनंद जैन, भाटिया मोड़ निवासी ईश्वर सिहं और घरेलू सहायक हेमंत कुमार राजवंशी भी मिले। ईश्वर और हेमंत को एसटीएफ ने गवाह बनाया। हर्षवर्धन जैन को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने कवि नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
समाचार पत्र के कूटरचित हर्षवर्धन जैन के नाम के दो प्रेस कार्ड, एक डायरी मिली। डायरी में विभिन्न बैंक खातों और लोगों के फोन नंबर, पेनड्राइव, दो पैन कार्ड, विदेश मंत्रालय कूटरचित मोहर लगे दस्तावेज, आधार कार्ड, वोटर आइडी कार्ड, डिप्लोमेट कार्ड, अवैध सात पासपोर्ट, 44 लाख 70 हजार रुपये, विभिन्न देशों की विदेशी मुद्रा, 34 मोहरें, 20 डिप्लोमेटिक गाडियों की नंबर प्लेट, विभिन्न कंपनी की 12 घड़ियां, चार डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट लगी हुईं गाडियां, एक लैपटाप और एक मोबाईल बरामद हुआ है।
लोगों को प्रभाव में लेने के लिए प्रधानमंत्री ,राष्ट्रपति और कई अन्य गणमान्य लोंगो के साथ अपनी मॉर्फ की हुई फोटो का भी प्रयोग करता है। इसका मुख्य काम कंपनियों और प्राइवेट व्यक्तियों को बाहर के देशों में काम दिलाने के नाम पर दलाली करना तथा शेल कंपनियों के माध्यम से हवाला रैकेट चलाना है।
हर्षवर्धन के पूर्व में चंद्रास्वामी और अदनान खगोशी ( इंटरनेशनल आर्म्स डीलर) से भी संपर्क में होना ज्ञात हुआ है। उल्लेखनीय है कि 2011 में हर्षवर्धन से अवैध सॅटेलाइट फोन भी बरामद हुआ था जिसका अभियोग थाना कविनगर में पंजीकृत है।


ये सामान हुआ बरामद
1-डिप्लोमैटिक नम्बर प्लेट लगी चार गाड़ियाँ
2-माइक्रोनेशन देशों के 12 डिप्लोमेटिक पासपोर्ट
3-विदेश मंत्रालय की मोहर लगी कूटरचित दस्तावेज
4-कूटरचित दो पैनकार्ड
5-विभिन्न देशों और कंपनियों की 34 मोहरें
6-2 कूटरचित प्रेस कार्ड
7- 44,70000 रुपए नगद
8- कई देशों की विदेशी मुद्रा
कई कंपनियों आदि के दस्तावेज
9- 18 डिप्लोमेटिक नंबर प्लेट






