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65 केंद्रों पर लगे मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों से 2828 मरीजों ने उठाया लाभ

  • 1269 महिलाएं और 1153 पुरूष पहुंचे आरोग्य मेलों में
  • कोविड हेल्प डेस्क पर 1319 की हुई जांच, 223 आरटीपीसीआर हुईं, कोई पॉजीटिव नहीं
    गाजियाबाद।
    कोविड-19 पर काफी हद तक नियंत्रण पाने के बाद मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों का आयोजन दोबारा शुरू हो गया। रविवार को जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और स्वास्थ्य उप केंद्रों को मिलाकर कुल 65 कैंप आयोजित किए गए। इस मेले में मरीजों की निशुल्क जांच और दवाइयां दी गईं। मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का उद्घाटन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुहाई से विधायक अजितपाल त्यागी ने किया। उन्होंने कहा कि बीते कई महीनों कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण से मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेला आयोजित नहीं हो पा रहा था। अन्य सुविधाओं के साथ अब फिर से आरोग्य मेला शुरू किया जा रहा है। कोरोना काल ने हमें यही सिखा दिया है कि स्वास्थ्य अब हमारी प्राथमिकता है। इसमें लापरवाही हम सभी के लिए घातक होगी। इसलिए मेरी अपील है कि कोविड प्रोटोकाल का पालन करते हुए लोग मेले में आएं और स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लें।
    मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. भवतोष शंखधर ने बताया कि शासन के निर्देश पर जिले में कुल 65 केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। कुल 2828 मरीजों ने मेले का लाभ उठाया। इनमें 1269 महिलाएं और 1153 महिलाएं शामिल हैं। कुल 1319 लोगों की कोविड हैल्प डेस्क पर जांच हुई। इनमें से 223 की आरटीपीसीआर जांच कराई गई, हालांकि कोई पॉजीटिव नहीं मिला। मेला कराने का उद्देश्य स्पष्ट है कि एक ही छत के नीचे लोगों को अधिकाधिक स्वास्थ्य सुविधाएं, जांच, उपचार और दवाएं आदि उपलब्ध हो। हमारा प्रयास है कि इस मेले से अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हों। उन्होंने बताया कि मेला परिसर में प्रवेश करने से पूर्व प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग की जा रही है। मेले में मास्क और सेनिटाइजर की भी व्यवस्था है। सभी लोग सहयोगात्मक व्यवहार करें। इससे जांच, उपचार और दवाओं आदि की सुविधा आसानी से मिल सकेगी।
    मेले में ये मिलीं सुविधाएं
    आरोग्य मेला के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. विश्राम सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री आरोग्य स्वास्थ्य मेलों में रविवार को कुल 171 गोल्डन कार्ड बनाए गए। 207 महिलाओं ने गर्भावस्था एवं प्रसवकालीन परामर्श लिया। 363 बुखार के मरीज पहुंचे, इनमें से 133 की मलेरिया रैपिड जांच कराई गई लेकिन कोई पॉजीटिव नहीं मिला। इसें बलावा 50 हैपेटाइटिस- बी और 31 हैपेटाइटिस-सी की जांचें कार्ड से हुईं। इनमें भी कोई पॉजीटिव नहीं मिला। 21 लोगों ने आंखों की जांच कराई गई। मेलों में कुल मिलाकर 49 लीवर पीड़ित, 318 रेस्पीरेटरी, 263 गेस्ट्रो, 165 मधुमेह, 403 त्वचा रोगी, 17 टीबी संदिग्ध, 49 एनीमिया, 118 हाईपरटेंशन, आठ कुपोषण और 705 अन्य रोगों से पीड़ित मरीज पहुंचे। सभी कोई परामर्श के साथ निशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई गईं। 53 गंभीर रोगियों को रेफर किया गया है। इसके अलावा सभी केंद्रों पर पूर्ण टीकाकरण एवं परिवार नियोजन संबंधी साधनों एवं परामर्श की व्यवस्था रही। इसके साथ ही संस्थागत प्रसव संबंधी जागरूकता, जन्म पंजीकरण परामर्श, नवजात शिशु स्वास्थ्य सुरक्षा परामर्श एवं सेवाएं, बच्चों में डायरिया एवं निमोनिया की रोकथाम के साथ ही टीबी, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया, कुष्ठ आदि बीमारियों की जानकारी, जांच एवं उपचार की नि:शुल्क सेवाएं दी गई।

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