चर्चा-ए-आम

चुनावों में कौन करा रहा है वोट चोरी ?

कमल सेखरी

वोट चोरी-वोट चोरी-वोट चोरी का जो शोर पिछले कई दिनों से सड़कों से लेकर लोकसभा और राज्यसभा के पटल पर पुरजोरता से गूंज रहा है और अभी तक थमने का नाम नहीं ले रहा। इस वोट चोरी की आवाज को पुरजोरता से उठाया कांग्रेस के नेता और लोकसभा में विपक्षी दल के नेता राहुल गांधी ने। राहुल गांधी ने तीन बार पत्रकार वार्ता करके अनेकों प्रमाणों के साथ अलग-अलग राज्यों में हुई वोट चोरी को उजागर किया लेकिन उनकी बात को ना तो देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ने कभी माना और ना ही सत्ता दल और उसकी सहयोगी समर्थक पार्टियों ने उसे कभी सही माना। एनडीए के नेता तो हर जगह खुलकर यही बोलते रहे कि यह राहुल गांधी की कोरी कल्पना है और वो फर्जी आंकड़े दिखाकर देश का माहौल खराब कर रहे हैं। लेकिन 19 दिसंबर को अचानक वायरल हुए हम पार्टी के अध्यक्ष एवं बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में केन्द्रीय मंत्री जीतनराम मांझी के वायल हुए आडियो ने पूरे देश में खलबली मचा दी। एनडीए की इस प्रमुख सहयोगी पार्टी हम के नेता जीतनराम मांझी ने जाने-अनजाने में जो बोला वो देश में हो रही वोट चोरी के उन सब आरोपों की पुष्टि कर रहा है जो आरोप राहुल गांधी सहित विपक्ष के कई नेता अभी तक लगाते चले आ रहे हैं। जीतनराम मांझी के आडियो में श्री मांझी ने कहा है कि उनके एक विधायक अनिल सिंह जो 2020 में विधायक का चुनाव जीते थे और 2025 में उसी सीट पर विधायकी का चुनाव हार गए वो अगर उन्हें यानी श्री मांझी को हारने के साथ ही सूचित कर देते तो श्री मांझी उन्हें जितवा देते। हुई बातचीत के अंश कुछ इस प्रकार हैं जिसमें जीतनराम मांझी कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि 2024 के चुनाव में अनिल सिंह 27 हजार वोटों से हारे थे लेकिन उन्होंने जिलाधिकारी को कहकर उन्हें पुन: मतगणना कराकर जितवा दिया था। श्री मांझी यह भी कहते सुनाई दिये कि मुझे जिलाधिकारी अभिषेक सिंह जिनका तबादला हो चुका है और जो अब त्रिपुरा में तैनात हैं उनका फोन आया था जिसमें अभिषेक सिंह कह रहे थे कि आपने अनिल सिंह को हमारी तैनाती के दौरान तो 27 हजार वोटों से हारने के बाद भी हमसे जितवा दिया था लेकिन अब जब हम वहां नहीं हैं तब अनिल सिंह मात्र 16 हजार वोटों से हारे हैं और आप उनके लिए कुछ नहीं कर पाए। श्री मांझी ने कहा हम क्या करते अनिल सिंह मैदान छोड़कर भाग गए, अगर वो वहां रहते और हमको बताते हैं तो हम उन्हें जितवा देते। जीतनराम मांझी के इस बयान पर एक टीवी चैनल ने खुली बहस करवाई और उस बहस में शामिल कई राजनीतिक विशेषज्ञों का यही कहना था कि जीतनराम मांझी का यह कहना अपने आप में एक बड़ा प्रमाण है कि सत्ता दल के नेताओं के हाथ में अपने हार रहे प्रत्याशियों को भी जिताने की क्षमता होती है। अब हम क्या मानें कि देश में सत्ता दल के नेता वोट चोरी में शामिल हैं या नहीं हैं जो आरोप राहुल गांधी से लेकर विपक्षी नेता सरकार पर लगा रहे हैं कि चुनाव आयोग वोट चोरी कराकर उन्हें विधानसभा और लोकसभा में जितवा रहा है। जीतनराम मांझी का यह आॅडियो अपने आप में पर्याप्त है यह प्रमाणित करने के लिए कि सत्ता की शक्ति सरलता से वोट चोरी करा सकती है और अपनी पार्टी के हारे हुए प्रत्याशियों को कभी भी किसी भी चुनाव में आसानी से जितवा सकती है। जीतनराम मांझी का यह आॅडियो हम सबकी आंखें खोल रहा है और बता रहा है कि देश में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है हम वोट कहीं देते हैं गिनी कहीं और जाती हैं। जीतनराम मांझी कोई साधारण व्यक्ति नहीं हैं वो बिहार के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में एनडीए के कैबिनेट मंत्री भी हैं।

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