
- मुख्यमंत्री योगी ने याद दिलाए विश्व नवकार महामंत्र दिवस से जुड़े मोदी जी के 9 संकल्प
- भारत की ऋषि-मुनी परंपरा ही विश्व कल्याण का मार्ग
- प्रकृति और जीव सेवाभाव से बनता है श्रेष्ठ समाज
गाजियाबाद। तरूणसागरम, बसंतपुर सेंतली, दिल्ली मेरठ रोड, मुरादनगर, गाजियाबाद में माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा भगवान पार्श्वनाथ का जन्म कल्याणम् एवं 100 दिवस में नवनिर्मित गुफा का लोकार्पण किया गया। तदोपरांत माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। आयोजकों द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी को कमंडल, माला, चित्र भेंट कर एवं पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया गया।
माननीय मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी ने कार्यक्रम में अपने उद्बोधन के दौरान जैन धर्म से संबंधित कुछ मंत्रों का उच्चारण करते हुए कार्यक्रम समिति के वरिष्ठ पदाधिकारी सहित अन्य गणमान्यों को उन्हें इस पावन धार्मिक कार्य में आमंत्रण हेतु धन्यवाद दिया तत्पश्चात कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अन्य गणमान्यों को संबोधित करते हुए कहा कि भाइयों और बहनों आज मुझे इस गुफा मंदिर में भगवान पार्श्वनाथ और क्रांतिकारी संत पूज्य तरूण सागर जी महाराज की स्मृतियों को नमन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, मैं इसके लिए कार्यक्रम प्रबंधकों एवं जैन समिति का आभार व्यक्त करता हूं।
माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि आध्यात्मिक उन्नयन के लिए सुरक्षित, सुसभ्य और साफ सुथरा वातावरण चाहिए और यह भारत ने ही पहले दुनिया को दिया है और आज भी भारत ही इस कार्य को कर रहा है हमें इस बात पर गर्व होना चाहिए। हम सभी आध्यात्मिक संदेशों और भारत की ऋषि मुनि परंपरा को लेकर बढ़ रहे हैं। यदि हम सभी इसका आत्मसात करते हैं तो यही विश्व मानव कल्याण का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।
उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी जी ने दिल्ली में विश्व नवकार महामंत्र दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम का उद्घाटन किया था, जिसमें उन्होंने नौ संकल्प सभी लोगों को प्रदान किए थे, जिसमें पानी का बचाव, एक पेड़ मां के नाम, स्वच्छता का मिशन, वोकल फोर लोकल, देश दर्शन, प्राकृतिक खेती, स्वस्थ जीवन शैली अपनायें , योग और खेल को जीवन में लाना और गरीबों के कल्याण के लिए सदैव समर्पित भाव से कार्य करना । जैन समाज द्वारा इस पवित्रता को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। मैंने यहां श्री प्रसन्ना जी महाराज उपाध्याय मुनीश्री पीयूष जी महाराज की दिनचर्या के बारे में जाना और श्री प्रसन्ना जी महाराज के बारे में सुना कि उनके द्वारा सुसंपन्न 557 दिनों की अ?द्भुत, अकल्पनीय, सिंहनिष्क्रीडित व्रत की साधना, जिसमें 496 दिनों के निर्जल उपवास किये और मात्र 61 दिनों की लघु पारणा की। इन चीजों से हमें पता चलता है कि यदि हम संकल्प ले लें तो पिंड में ही ब्रह्मांड समाया यानी हमें जो सब कुछ बाहर दिखाई देता है वह सब हमें अपने शरीर के अंदर ही दिखाई देगा। इस पवित्र कार्यक्रम पंच कल्याणक महा महोत्सव में भगवान पार्श्वनाथ और क्रांतिकारी संत तरुण सागर जी महाराज के स्मृतियां को देखने एवं पावन गुफा मंदिर के लोकार्पण समारोह में भाग लेकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हुई है, मैं आयोजकों का आभार व्यक्त करता हूं।
कार्यक्रम के उपरांत माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा मंदिर प्रांगण में पौधारोपण भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से महापौर नगर निगम गाजियाबाद, विधायकगण, भाजपा महानगर अध्यक्ष सहित अन्य गणमान्य लोगों उपस्थित रहे।



