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सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देशन में एसएनसी सर्वे की हकीकत जानने पहुंची टीम

  • आदर्श नगर कालोनी और सरावा गांव का दौरा किया
  • पांच दिन तक जनपद में रहकर निगरानी करेगी टीम
    हापुड़।
    जनपद के दस गांवों में पांच जनवरी से चल रहे सब- नेशनल सर्वे (एसएनसी) की हकीकत जानने के लिए बृहस्पतिवार को सेंट्रल टीबी डिवीजन (सीटीडी) के निर्देशन में नोएडा इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल सांइसेज (निम्स) की टीम हापुड़ पहंची। टीम पांच दिन के दौरे पर आई है। पहले दिन टीम ने हापुड़ ब्लॉक के दो सर्वे स्थलों का दौरा किया। सबसे पहले टीम आदर्श नगर वार्ड-एक पहुंची, उसके बाद टीम ने सरावा गांव का दौरा किया। टीम में नोएडा इंस्टीट्यूट आॅफ मेडिकल साइंसेज (निम्स) की कम्यूनिटी मेडिसिन विभागाध्यक्ष प्रो. डा. रंजना सिंह, निम्स में एसोसिएट प्रोफेसर डा. रमाशंकर और विश्व स्वास्थ्य संगठन की सलाहकार डा. स्टेफी शामिल हैं। आदर्श नगर और सरावा गांव के दौरे के दौरान टीम के साथ जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. राजेश सिंह, जिला पीपीएम कोआॅर्डिनेटर सुशील चौधरी, जिला पीएमडीटी कोआॅर्डिनेटर मनोज कुमार और वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक बृजेश कुमार मौजूद रहे। बता दें कि जनपद के चारों ब्लॉकों के कुल 10 गांवों में पांच से 25 जनवरी तक एसएनसी सर्वे चल रहा है। सर्वे कार्य के लिए मेडिकल कॉलेज के छात्रों की बतौर वालंटियर सेवाएं ली जा रही हैं। सर्वे से पहले वालंटियर्स को जिला क्षय रोग केंद्र पर दो दिन का प्रशिक्षण दिया गया था। यह सर्वे बिना किसी छुट्टी के लगातार 20 दिन चलना है। धरातल पर सर्वे की हकीकत जानने के साथ ही जिले में क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के लिए बृहस्पतिवार को सेंट्रल टीबी डिवीजन की टीम पांच दिवसीय दौर पर हापुड़ पहंची है। टीम सर्वे में शामिल गांवों का दौरा करेगी। पहले दिन आदर्श नगर वार्ड -एक और सरावा गांव का दौरा कर टीम ने सर्वे के अंतर्गत चल रही गतिविधियों की जानकारी ली। टीम ने सर्वे में लगे वालंटियर्स से पूछा कि वह किस तरह अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं। एप पर डेटा अपलोड करने के संबंध में भी टीम ने सर्वे में शामिल वालंटियर्स से सवाल किए। इसके अलावा सर्वे स्थल पर रहने वाले लोगों से भी टीम की गतिविधियों की जानकारी ली। उनके व्यवहार से लेकर कार्य करने के बारे में फीडबैक लिया। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. राजेश सिंह ने बताया कि टीम ने जनपद के पांच निजी चिकित्सकों और पांच मेडिकल स्टोर संचालकों का चयन किया है। चिकित्सकों और मेडिकल स्टोर संचालकों से बातचीत कर टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के बारे में वह कितने जागरूक हैं। इसके साथ ही टीम क्षय रोगियों से भी बात करेगी ताकि उन्हें मिल रही सुविधाओं की तस्दीक की जा सके। यह सारी कवायद टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने का हिस्सा है।

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