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स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का अविस्मरणीय योगदान: स्वामी आर्य वेश

  • अनेकों क्रांतिकारियों ने महर्षि दयानंद से प्रेरणा ली: आर्य रविदेव गुप्ता
  • पुलवामा के शहीद सैनिकों के बलिदान ने नीव को सींचा: अनिल आर्य
  • आजादी का अमृत महोत्सव सम्पन्न
    गाजियाबाद।
    केन्द्रीय आर्य युवक परिषद् के तत्वावधान में आजादी का अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में स्वतंत्रता संग्राम में आर्य समाज का योगदान विषय पर आनलाइन गोष्ठी का आयोजन किया गया व पुलवामा के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
    सार्वदेशिक आर्य प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष स्वामी आर्य वेश ने कहा कि देश की आजादी की लड़ाई में आर्य समाज का सर्वाधिक योगदान रहा परंतु इतिहास में उसको समुचित स्थान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद एक क्रांतिकारी विचारक थे उनकी अलग सोच ने समाज को नई दिशा दी।
    आर्य रविदेव गुप्ता ने कहा कि आर्य समाज क्रांतिकारी गतिविधियों का केन्द्र रहा। अंग्रेजी सरकार भी उनसे भय खाती थी। महर्षि दयानंद की निर्भीकता से सभी प्रेरणा प्राप्त करते रहे। केन्द्रीय आर्य युवक परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल आर्य ने पुलवामा के शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि पाकिस्तान सदैव आंतकवादी गतिविधियों का केंद्र रहा है। उस पर बार बार भरोसा करना और धोखा खाना राजनीतिक भूल है।
    राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने कहा कि स्वामी दयानन्द ने समस्त विश्व का पथ-प्रदर्शन करने वाली सत्यार्थ प्रकाश नामक एक अत्यन्त महत्वपूर्ण पुस्तक लिखी इसमें उन्होंने लिखा कि विदेशी राजा चाहे कितना ही न्यायप्रिय, कितना ही सत्यनिष्ठ क्यों न हो किन्तु!स्वदेशी राजा सदा विदेशी राजा से अच्छा होता है।सत्यार्थ प्रकाश से प्रेरणा लेकर असंख्य नौजवानों ने देश के लिए मर मिटने की कसम खाई और स्वतंत्रता की बलिवेदी पर हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। युवा नेत्री नताशा कुमार,प्रशस्ति रस्तोगी,आस्था आर्या,डॉ अमर जीत शास्त्री (न्यूयॉर्क), डॉ बलबीर आचार्य, दुर्गेश आर्य, धर्म पाल आर्य, महेंद्र भाई, यशोवीर आर्य, चिंकी झा,डॉ. सौरभ आर्य, (यमुनानगर), ईश आर्य, स्वतंत्र कुकरेजा आदि ने अपने विचार रखे। अध्यक्षता विश्व मोहन आर्य (दुबई) ने की व कुशल संचालन दीप्ति सपरा ने किया। गायिका प्रवीना ठक्कर, पिंकी आर्या, रजनी चुघ, रजनी गर्ग, उर्मिला आर्या, ईश्वर देवी, रचना वर्मा, रविन्द्र गुप्ता, प्रतिभा सपरा, संतोष धर, जनक अरोड़ा, प्रतिभा कटारिया, रेखा गौतम आदि के मधुर गीत हुए।

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