लेटेस्टशहरस्वास्थ्य

जिले में प्रति लाख आबादी पर 2900 की हो रही टीबी जांच: सीएमओ

  • एक सीबीनॉट मशीन से 572 स्पुटम जांच कर टॉप पर रहा गाजियाबाद
  • एक माह में 550 जांच कर आगरा सूबे में दूसरे पायदान पर रहा
  • 2022 में आगरा के नाम रहा था सर्वाधिक जांच करने का रिकॉर्ड
    गाजियाबाद। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर के निर्देशन में जिले ने टीबी के मामले में भी कई रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं। क्षय रोगियों को गोद लेने में जांच करने के मामले अव्वल आने के बाद सूबे में गाजियाबाद जनपद ने एक माह में एक सीबीनॉट मशीन से सर्वाधिक स्पुटम जांच करने का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया है। सूबे में गाजियाबाद जिले में प्रति लाख आबादी पर सर्वाधिक 2900 व्यक्तियों की जांच की गई, एक वर्ष में प्रति लाख 2100 जांच कर मुजफ्फरनगर जनपद दूसरे नंबर पर रहा है। मई माह में गाजियाबाद जिला क्षय रोग केंद्र पर स्थापित सीबीनॉट मशीन से कुल 572 स्पुटम जांच की गईं। आगरा जनपद एक सीबीनॉट मशीन से मई माह के दौरान कुल 550 स्पुटम जांच कर दूसरे नंबर पर रहा। इससे पहले 2022 में एक माह में सर्वाधिक 450 स्पुटम जांच का रिकॉर्ड भी आगरा जनपद के ही नाम था।
    जिला क्षय रोग अधिकारी (डीटीओ) डा. डीएम सक्सेना ने बताया कि सीएमओ डा. भवतोष शंखधर के निर्देशन में टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की स्थिति यह है कि जनपद टीबी जांच में शीर्ष पर है। सूबे में टीबी जांच की बात करें तो एक लाख आबादी पर एक वर्ष में एक हजार व्यक्तियों की टीबी जांच हो रही है, गाजियाबाद में यह आंकड़ा एक लाख आबादी पर 2900 है। मुजफ्फरनगर जनपद एक वर्ष में एक लाख की आबादी पर 2100 व्यक्तियों की जांच कर दूसरे नंबर पर रहा। क्षय रोगियों को गोद लेने की बात करें तो जिला 83 प्रतिशत क्षय रोगियों के एडोप्शन के बाद टॉप पहुंच गया। वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक संजय यादव ने बताया कि सीएमओ साहब ने सीबीनॉट मशीन पर जांच बढ़ाने के निर्देश दिए थे और फिर समय – समय पर उत्साहवर्धन भी किया, उनके कुशल निर्देशन का ही नतीजा रहा कि मई माह के दौरान जिला क्षय रोग केंद्र पर स्थापित सीबीनॉट मशीन से सूबे में सर्वाधिक 572 स्पुटम जांच की गईं। एक स्पुटम जांच में एक घंटा, 48 मिनट का समय लगता है। मई माह के दौरान रोजाना सुबह छह बजे से रात दस बजे तक स्पुटम जांच की गईं। वरिष्ठ प्रयोगशाला पर्यवेक्षक ने स्वयं देर रात तक मौजूद रह गई यह रिकॉर्ड बनाया है। संजय यादव बताते हैं कि लैब टैक्नीशियन का भी यह रिकॉर्ड कायम करने में बड़ा योगदान है।
    सीबीनॉट मशीन क्या है ?
    टीबी जांच के लिए सीबीनॉट अत्यंत आधुुनिक मशीन है। केंद्र सरकार ने इस मशीन को सात-आठ वर्ष पूर्व फ्रांस से मंगाया था। करीब 40 कीमत वाली यह मशीन टीबी के लिए जिम्मेदार जीवाणु की काफी सूक्ष्म जांच करती है। इससे पहले टीबी जांच का कार्य टेलीस्कॉपी के माध्यम से किया जाता था। इस मशीन से जहां मल्टी ड्रग रेसिस्ट (एमडीआर) टीबी की सटीक जांच की जाती है वहीं संबंधित रोगी पर कौन सी दवा सबसे ज्यादा कारगर होगी, यह भी बताती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button