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टीबी मुक्त भारत के लिए सामुदायिक भागीदारी जरूरी : सीएमओ

-सामाजिक और भावनात्मक सहयोग के लिए संतोष हॉस्पिटल ने 50 क्षय रोगी और गोद लिए

  • पिछले माह 20 क्षय रोगियों को गोद लेकर प्रदान किया था पुष्टाहार
    गाजियाबाद। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत संतोष हॉस्पिटल की ओर से शनिवार को 50 क्षय रोगियों को गोद लेकर पुष्टाहार प्रदान किया गया। बता दें कि संतोष हॉस्पिटल प्रबंधन की ओर से स्थानीय सांसद जनरल वीके सिंह की मौजूदगी में 27 सितंबर को 100 क्षय रोगियों को गोद लेने की घोषणा की थी। उस दिन 20 क्षय रोगियों को गोद लेकर सांसद जनरल वीके सिंह के कर कमलों से पोषण पोटली प्रदान कराई गई थीं। हॉस्पिटल प्रबंधन जल्द ही 30 क्षय रोगियों को और गोद लेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने कहा कि वर्ष 2025 तक टीबी मुक्त भारत का लक्ष्य हासिल करने के लिए समुदाय स्तर पर भागीदारी जरूरी है। माहौल ऐसा हो कि किसी भी क्षय रोगी को अपनी पहचान न छिपानी पड़े, यानि उन्हें ह्लसोशल स्टिग्माह्व का शिकार न होना पड़े। समाज में रोगियों के बीच के लोग ही उन्हें उपचार जारी रखने और पौष्टिक भोजन लेते रहने के लिए प्रेरित करें। क्षय रोगियों को गोद लेने का उद्देश्य पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें सामाजिक और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराना भी है। सीएमओ डा. भवतोष शंखधर के निर्देशन में शनिवार को संतोष हॉस्पिटल की ओर से डीन डा. अलका अग्रवाल की मौजूदगी में 50 क्षय रोगियों को पोषण पोटली उपलब्ध कराने के साथ ही सामाजिक और भावनात्मक सहयोग उपलब्ध कराया गया। इस अवसर पर हॉस्पिटल की चिकित्सा अधीक्षक डा. अल्पना अग्रवाल, विभागाध्यक्ष (जनरल मेडिसिन) डा. अशोक कुमार, विभागाध्यक्ष (नेत्र विभाग) डा. सरिता अग्रवाल, विभागाध्यक्ष (आॅब्स एंड गायनेकोलॉजी) और एनेस्थीसिया एंड क्रिटिकल केयर विभाग से डा. देवप्रिय सरकार के अलावा डा. मनीष कुमार शर्मा, डा. महेंद्रन, डा. प्रेक्षी सिंह, डा. हिमांशु वार्ष्णेय, डा. नेंसी गोयल, डा. वंशिका अग्रवाल और राजेंद्र मिश्रा का सक्रिय सहयोग रहा। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम से वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक सुमन लता और टीबीएचवी राजेश कुमार उपस्थित रहे।

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