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कल से गांव-गांव शुरू होगा कोरोना का विशेष जांच अभियान

  • आशा-एएनएम करेंगी टेस्टिंग, दवा की किट भी बांटेंगी
  • गांव में बाहर से आने वालों पर रहेगी विशेष नजर

गाजियाबाद। गांव-देहात तक कोरोना द्वारा पैर पसार लिए जाने के चलते उत्तर प्रदेश सरकार ने गांव-गांव विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया है। यह अभियान बुधवार यानि पांच मई से शुरू होगा। अभियान में आशा-एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी। परिवार के सभी सदस्यों के बारे में जानकारी नोट करेंगी। उनमें जुकाम, खांसी, बुखार या दस्त जैसे लक्षणों के बारे में जानकारी करेंगी। बता दें कि यह लक्षण कोविड-19 के हो सकते हैं। इसके अलावा घर-घर कोविड-19 के लक्षणों के बारे में जानकारी दी जाएगी और बचाव के तरीके भी बताए जाएंगे। प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सुनील त्यागी ने बताया गृह भ्रमण के दौरान निगरानी समिति के सदस्यों को कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
डा. सुनील त्यागी ने बताया गृह भ्रमण के दौरान आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्षण युक्त लोगों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार की गई दवा की किट वितरित करेंगी। लक्षण आने के साथ ही दवा शुरू हो जाने पर मरीज उतना गंभीर नहीं होता है। दवा किट में आईवर मैक्टिन के अलावा एजिथ्रोमाइसीन, डॉक्सी, क्रोसीन और विटामिन सी व जिंक को शामिल किया गया है। निगरानी समिति इंफ्रारेड थर्मामीटर की मदद से बुखार और आॅक्सीमीटर की मदद से आॅक्सीजन का लेबल चेक करेंगी। तेज बुखार होने और आॅक्सीजन का स्तर 94 से कम होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को रिपोर्ट करेंगी। इस संबंध में जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया है। हाल में बाहर से गांव पहुंचे लोगों की विशेष निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं। मुरादनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) पर मंगलवार को आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान सीएचसी प्रभारी डा. कैलाश, डब्लूएचओ के प्रतिनिधि सलीम और बीसीपीएम सतीश ने आशा कार्यकर्ताओं को जानकारी दी कि घर-घर सर्वे के दौरान किन-किन बातों को ध्यान रखना है। प्रशिक्षण में पहुंची आशा संगिनी रजनी ने बताया सर्वे के दौरान कोविड से बचाव के लिए व्यवहार परिवर्तन और कोविड के लक्षणों की जानकारी देनी है। इसके साथ ही लक्षण युक्त लोगों में बुखार और आॅक्सीजन लेबल की निगरानी रखनी है। इसके साथ ही नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र को तत्काल रिपोर्ट करना और कोविड जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर भेजना है।

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