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जिला एमएमजी चिकित्सालय में हुआ एड्स रोगियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम

  • नियमित उपचार से एड्स रोगी भी जी सकते हैं सामान्य जीवन : डा. एके सिंह
  • संचारी और वेक्टर बोर्न रोगों के डायरेक्टर हैं डा. एके सिंह
  • उपचार और एहतियात के बारे में भी दी गई विस्तृत जानकारी
    गाजियाबाद।
    कम्युनिकेबल (संचारी) एवं वेक्टर बोर्न डिसीज (मच्छर जनित रोग) के डायरेक्टर डा. एके सिंह की अध्यक्षता में एड्स रोगियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला एमएमजी चिकित्सालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एड्स रोगियों को उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी गई और उनके लिए जरूरी एहतियात पर भी प्रकाश डाला गया। डा. सिंह ने एड्स रोगियों को संबोधित करते हुए कहा कि नियमित उपचार और जरूरी एहतियात के साथ वह भी सामान्य जीवन व्यतीत कर सकते हैं। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. भवतोष शंखधर ने कहा कि एड्स रोगी खुद को गुनाहगार न मानें, यह एक बीमारी है जो किसी को भी हो सकती है।
    डा. एके सिंह ने कहा – मधुमेह और हाइपर टेंशन जैसी बीमारियां इससे भी खतरनाक हैं। रोगी की पहचान के 24 घंटे में उपचार (एआरटी) शुरू करने के बाद रोगी के संक्रमण के प्रसार करने की आशंका काफी कम हो जाती है। उन्होंने रोगियों से आग्रह किया कि चिकित्सक के परामर्श के अनुसार नियमित उपचार लें और यदि उनकी जानकारी में ऐसा कोई रोगी है जो उपचार नहीं ले रहा है, विभाग हो उसकी जानकारी भी दें।
    सीएमओ डा. भवतोष शंखधर ने कहा कि इस बीमारी के चलते रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो जाती है, इसलिए संक्रामक रोगों के चपेट में आने खतरा ज्यादा रहता है। खासकर टीबी को लेकर अत्यंत सावधान रहने की जरूरत है। सभी रोगी हर दूसरे महीने टीबी स्क्रीनिंग अवश्य कराएं। अपने परिजनों को भी लगातार टीबी स्क्रीनिंग कराते रहने के लिए कहें। पौष्टिक आहार लें और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखें। कार्यक्रम के दौरान एक स्वयं सेवी संस्था की ओर से एड्स रोगियों को कंबल वितरित किए गए।
    एआरटी प्रभारी डा. शील ने बताया कि जिले में एक अच्छी पहल की गई है। उन्होंने बताया कि अब तक हम सात-आठ एड्स रोगियों की शादी करा चुके हैं। इसका एक सुखद पहलू यह है कि ऐसे जोड़ों के 90 फीसदी बच्चे एचआईवी निगेटिव हैं। उन्होंने बताया वर्तमान में जनपद में दो हजार से अधिक एड्स रोगियों का उपचार चल रहा है। जागरूकता कार्यक्रम में 70-80 एड्स रोगी मौजूद रहे। कार्यक्रम को जिला मलेरिया अधिकारी जीके मिश्रा ने भी संबोधित किया।
    इन 13 योजनाओं के लिए पात्र हैं एड्स रोगी : डा. सिंह
    एड्स रोगियों के अधिकारों पर प्रकाश डालते हुए डा. एके सिंह ने कहा – एड्स रोगी राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा, दुगना पोषण आहार योजना, भाग्यलक्ष्मी योजना, स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, विवाह हेतु अनुदान योजना, राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, विधवा पेंशन योजना, जननी सुरक्षा योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना, अंतोदय अन्न योजना और गंभीर बीमारी सहायता योजना समेत कुल 13 योजनाओं के लिए पात्र हैं और सभी को इन योजनाओं लाभ उठाना चाहिए।
    एड्स रोगी टोल फ्री नंबर 1097 पर कर सकते हैं शिकायत
    एड्स रोगी अपनी किसी भी समस्या के समाधान के लिए हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर – 1097 पर संपर्क कर सकते हैं। किसी के द्वारा एड्स रोगी होने के नाते किए जा रहे दुर्व्यवहार या भेदभाव की शिकायत खुद रोगी या उसका कोई अपना भी हेल्पलाइन पर कर सकता है। शिकायत करने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाती है। इस नंबर से एचआईवी से संबंधित जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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