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सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए आईसीडीएस को मिला सहयोग एप

  • डीपीओ कार्यालय में मुख्य सेविकाओं को दिया गया दो दिवसीय प्रशिक्षण
    गाजियाबाद।
    सहयोगात्मक पर्यवेक्षण के लिए बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को सहयोग एप के रूप में शासन से एक डिजिटल प्लेटफार्म उपलब्ध कराया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) शशि वार्ष्णेय ने बताया कि इस एप के जरिए मुख्य सेविकाएं (सुपरवाइजर) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से हर समय जुड़ी रहेंगी। एप के जरिए वह पर्यवेक्षण का काम तो करेंगी, साथ ही जहां जरूरत समझेंगी या कार्यकर्ता की ओर से मांग की जाएगी तो समाधान भी बताएंगी। इसलिए इसे सहयोगात्मक पर्यवेक्षण का नाम दिया गया है। इसका बड़ा लाभ कागज और समय की बचत के रूप में होगा और साथ रिकॉर्ड रखरखाव की सिरदर्दी भी दूर हो जाएगी। डीपीओ शशि वार्ष्णेय के निर्देशन में तकनीकी सहायता इकाई की आउटरीच विशेषज्ञ रचना शर्मा और सीडीपीओ, रजापुर शारदा ने मुख्य सेविकाओं को सहयोग एप का दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया। डीपीओ कार्यालय में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य सेविकाओं को बताया गया कि कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों की देखभाल कैसे करें। उनके माता- पिता की काउंसलिंग कैसे करें। गर्भवती का वार्षिक सर्वे करते समय किन- किन बातों का ध्यान रखना है। सभी मुख्य सेविकाओं को निर्देश दिए गए हैं कि हर कार्यकर्ता से अलग- अलग मिलकर एप के बारे में पूरी जानकारी विस्तार से दें और एप के जरिए उनके नियमित संपर्क में रहें, साथ ही बैठक भी एप के जरिए ही करें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी 32 मुख्य सेविकाएं शामिल रहीं। डीपीओ ने बताया कि पहले जो निरीक्षण कागजों पर होता था, अब वह एप पर होगा, इसलिए यह रीयल टाइम निरीक्षण होगा। एप के जरिए एक ही दिन में कई आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण संभव हो सकेगा और यदि किसी केंद्र पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को किसी तरह की समस्या का सामना करना पड़ेगा तो वह नि:सकोच अपनी बात रखकर तत्काल समाधान पा सकेगी। इतना ही नहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के काम का आकलन करना भी आसान हो जाएगा और अच्छा काम कर रही कार्यकतार्ओं को और बेहतर करने के लिए प्रेरित भी किया जा सकेगा। इतना ही नहीं मुख्य सेविकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को टीम भावना से काम करने का मौका मिलेगा।

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