लेटेस्टशहर

सीएम योगी ने 878 करोड़ लागत की 755 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास

  • प्रबुद्धजनों, औद्योगिक संगठनों, निर्यातक इकाइयों के प्रतिनिधियों से किया संवाद
  • कांवड़ यात्रा पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन
  • मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक तथा चाभी प्रदान की
  • गाजियाबाद में विकास की अपार सम्भावनाएं, हम ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध
  • गाजियाबाद नगर निगम के 20 हजार से अधिक गरीब परिवारों को दी आवास की सुविधा
  • सुरक्षा के माहौल के साथ आस्था के सम्मान का बेहतर समन्वय
  • पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा इसका अद्भुत उदाहरण
  • स्वच्छता सर्वेक्षण-2022 में गाजियाबाद का प्रदेश में प्रथम स्थान
  • जनपद गाजियाबाद बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ा
  • देश की पहली रैपिड रेल अगले वर्ष प्रारम्भ होने जा रही
  • प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में यूपी की तस्वीर बदलने के जो कार्य हुए, उनके सुखद परिणाम आने प्रारम्भ
  • उद्यमी निवेश कर युवाओं को नौकरी और रोजगार की सम्भावनाओं से जोड़ रहे
  • निवेशकों को प्रदेश में सुरक्षा का माहौल मिलेगा, उनकी पूंजी सुरक्षित रहेगी
  • सेफ सिटी से सभी महानगरों को जोड़ा जा रहा
    गाजियाबाद। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को कविनगर स्थित रामलीला मैदान में प्रबुद्धजन सम्मेलन को सम्बोधित किया और 878 करोड़ रुपये लागत की 755 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इन विकास परियोजनाओं में लगभग 510 करोड़ रुपये लागत की 409 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं लगभग 368 करोड़ रुपये लागत की 346 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास शामिल है। लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम के अवसर पर मुख्यमंत्री ने जनपद गाजियाबाद के प्रबुद्धजनों-उद्योगपतियों, व्यापारियों, चिकित्सकों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों व युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि जनपद गाजियाबाद में विकास की अपार सम्भावनाएं हैं, जिन्हें प्रदेश सरकार ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन की शुरूआत बाबा दूधेश्वरनाथ की धरा को नमन करते हुए की। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले गाजियाबाद की अपनी कोई पहचान नहीं थी। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन के परिणामस्वरूप अब गाजियाबाद नित नये प्रतिमान स्थापित कर रहा है। देश का पहला 12 लेन का एक्सप्रेस हाईवे गाजियाबाद को जोड़ते हुए आगे बढ़ता है। देश की पहली रैपिड रेल अगले वर्ष प्रारम्भ होने जा रही है। यह गाजियाबाद से होकर जाएगी। वर्ष 2022 के स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद ने प्रदेश के अंदर प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा देश में 12वां स्थान प्राप्त किया।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपद गाजियाबाद बेहतरीन कनेक्टिविटी से जुड़ा है। दिल्ली में 10 से 12 फरवरी, 2023 में होने वाली यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के कर्टेन रेजर का उद्घाटन किया। इस कार्यक्रम में लगभग 20 देशों के राजदूत, हाई कमिश्नर, प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। इससे उत्तर प्रदेश के प्रति उनका आकर्षण व्यक्त होता है। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 में विभिन्न देश पार्टनर कंट्री के रूप में या किसी अन्य रूप में आकर यहां पर निवेश करने के लिए अपने देश के निवेशकों को भेजना चाहते हैं। विगत पांच वर्ष में उत्तर प्रदेश की तस्वीर को बदलने के लिए प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में जो कार्य किए गए हैं, उनके सुखद परिणाम आने प्रारम्भ हो गए हैं। प्रदेश निवेश का सबसे अच्छा गंतव्य बना है। उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए ऐसा माहौल बना है कि प्रत्येक निवेशक यहां निवेश करना चाहता है। इसका कारण प्रदेश सरकार द्वारा अपराध व अपराधियों के प्रति एवं भ्रष्टाचार तथा भ्रष्टाचारियों के प्रति अपनायी गयी जीरो टॉलरेन्स की नीति है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले सम्पूर्ण उत्तर प्रदेश व पश्चिमी उत्तर प्रदेश की क्या स्थिति थी, यह सबको पता है। यहां पर चंद अपराधी एवं पेशेवर माफिया संगठित अपराधों में लिप्त थे। यह अपराधी व्यापारियों को व्यापार करने से रोकते थे। कोई उद्यमी प्रदेश में निवेश नहीं करना चाहता था। कोई भी बहन और बेटी अपने आपको सुरक्षित महसूस नहीं करती थी। वर्ष 2017 के बाद जनप्रतिनिधियों ने सरकार की नीतियों को आगे बढ़ाने का कार्य किया। आज अपराधी प्रदेश से पलायन कर रहे हैं। जो उद्यमी, व्यापारी प्रदेश से पलायन कर जाते थे, वह वापस आकर निवेश कर युवाओं को नौकरी और रोजगार की सम्भावनाओं से जोड़ रहे हैं।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अनन्त संभावनाओं वाला प्रदेश है, प्रकृति और परमात्मा की प्रदेश पर असीम कृपा है। यहां दुनिया के सबसे जुझारू, ऊर्जावान व प्रतिभाशाली युवा हैं। यदि इनको प्रदेश में अवसर प्राप्त होगा तो इनकी प्रतिभा और ऊर्जा का लाभ राज्य को प्राप्त होगा। जो प्रदेश पहले बीमारू प्रदेश कहा जाता था आज वह देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है। ये प्रदेश की नई तस्वीर है। प्रदेश सरकार ने निवेश के दृष्टिगत 25 सेक्टरों के लिए नीतियां बनाई हैं। उन्होंने गाजियाबाद व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के निवेशकों का आह्वान करते हुए कहा कि वे प्रदेश में निवेश करें प्रदेश सरकार उनके स्वागत के लिए तैयार है। उन्हें सुरक्षा का माहौल मिलेगा व उनकी पूंजी भी सुरक्षित रहेगी। प्रदेश सरकार की नीतियों का लाभ प्राप्त कर राज्य के विकास में अपना योगदान दें। प्रदेश की औद्योगिक, स्टार्टअप, टेक्सटाइल की नीति देश के इन क्षेत्रों में सबसे अच्छी नीति है। जिस भी सेक्टर में आप निवेश करेंगे, प्रदेश सरकार उसका स्वागत करेगी और प्रत्येक प्रकार से सहायता करेगी।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत पांच वर्ष पूर्व प्रदेश में प्रदेश में बहू-बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। आज उत्तर प्रदेश में मिशन शक्ति में जो कार्य हो रहे हैं, वह सबके सामने हैं। सेफ सिटी से सभी महानगरों को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में स्मार्ट सिटी मिशन के अन्तर्गत 10 शहरों का चयन केन्द्र सरकार द्वारा किया गया। शेष 07 नगर निगमों को राज्य निधि से स्मार्ट सिटी बनाने के कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद नगर निगम के अन्तर्गत 20 हजार से अधिक गरीब परिवारों को आवास की सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। अमृत योजना के अन्तर्गत हर घर नल योजना शहरी क्षेत्रों में भी उपलब्ध करायी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस कार्यक्रम को तेजी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि सुरक्षा के माहौल के साथ आस्था के सम्मान का बेहतर समन्वय यदि देखना है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कांवड़ यात्रा इसका अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। प्रबुद्धजनों ने गाजियाबाद को फिर से पहचान देने में राज्य व केन्द्र सरकार के साथ मिलकर कार्य किया है। प्रदेश के बारे में परसेप्शन को बदलने में अपना योगदान दिया है। प्रधानमंत्री जी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में सफल हो सकें, इस दिशा में प्रबुद्धजनों का योगदान अत्यन्त महत्वपूर्ण होगा। आज सड़क, पेयजल, सीवर आदि से सम्बन्धित परियोजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास का कार्य किया जा रहा है। साथ ही, पूर्वांचल और उत्तराखण्ड के निवासियों की बहुप्रतिक्षित मांग पर कन्वेंशन सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है। कन्वेंशन सेण्टर से लोक परम्परा और लोक संस्कृति के संरक्षण में सहायता मिलेगी। प्रदेश सरकार पूरी मजबूती के साथ डबल इंजन की रफ्तार से कार्य कर रही है।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी पांच वर्ष के अंदर प्रदेश के नगरीय क्षेत्र की व्यवस्था को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से युक्त किए जाने के लिए अभी से प्रयास करने की आवश्यकता है। आज एक जैसी एलईडी स्ट्रीट लाइट पूरे नगर में जलती हुई दिखायी देती है। यह बिजली के कम खर्च के साथ नगर की शोभा को भी बढ़ाता है व कार्बन उत्सर्जन में कमी भी होती है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ईईएसएल ने प्रदेश के नगर निकायों में यह व्यवस्था दी है।
    इसके पूर्व, मुख्यमंत्री ने नगर विकास व औद्योगिक विकास की उपलब्धियों को दर्शाती हुई लघु फिल्मों का अवलोकन किया एवं प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चाभी, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम और एक जनपद एक उत्पाद वित्त पोषण योजना के लाभार्थियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने जनपद के विभिन्न औद्योगिक संगठनों तथा जनपद की वृहद निर्यातक इकाइयों के प्रतिनिधियों से संवाद स्थापित किया। कांवड़ यात्रा पर कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया।
    इस अवसर पर केन्द्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग राज्य मंत्री जनरल (सेवानिवृत्त) वीके सिंह, प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप, सांसद अनिल अग्रवाल, सभी विधायक मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button